जब तक मंजिल मिल ना जाये, खुशफम में ना आएं, किनारे पहुँच कर भी लोग फिसल जाते है.
सत्य वचन
by Mukesh Prasad
April 13, 2026
Mukesh Prasad
दोस्तों, मेरा नाम मुकेश प्रसाद है। पेशे से मै एक बैंकर हूँ। मेरी हिंदी लेखनी में हमेशा से रूचि रही है खासकर कहानी, कविता और निबंध लेखन में। मेरी कोशिश होती है मै अपनी लेखनी से एक अच्छा मनोरंजक विषय उपलब्ध करा सकू। अगर आपको मेरी ये लेखनी पसंद आयी हो तो आप इसे अपने दोस्तों से जरूर शेयर करें।
