गरुआ की पुरानी हवेली (अध्याय ५)
सुबह हो चुकी है, धुप भी निकल चूका है। दीपक उठ कर देखता है, करिश्मा बेड पर नहीं है। एक छोटा सा लेटर पड़ा है, लिखा है, “लव पॉइंट पर इंतज़ार कर रही हूँ।”...
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सुबह हो चुकी है, धुप भी निकल चूका है। दीपक उठ कर देखता है, करिश्मा बेड पर नहीं है। एक छोटा सा लेटर पड़ा है, लिखा है, “लव पॉइंट पर इंतज़ार कर रही हूँ।”...
करिश्मा और दीपक सोफे पर बैठकर बातें कर रहे है। कल दोनों लव पॉइंट जाने की प्लानिंग कर रहे है। करिश्मा सैम को भी कल के लिए आमंत्रित कर चुकी है। और वह सुबह...
सड़क के दोनों किनारों पर बड़े बड़े पेड़ है जो सड़क के ऊपर छतरी की तरह फैले हुए हैं। सुबह की धुप खिली हुई है और ठंढी हवा बह रही है सैम गाड़ी ड्राइव...
सुन्दरम ट्रेवल एजेंसी में करिश्मा दीपक का इंतज़ार कर रही है. फ़ोन पर अभी अभी बात हुई है, वो अभी रास्ते में है. टेबल के सामने बैठे एजेंसी के मालिक “सलमान” ने करिश्मा से...
गरुआ स्टेशन से १० किलोमीटर अंदर जंगल की तरफ एक पुरानी हवेली है। कई नौकर चाकर अब भी वहां है। गरूर सिंह के गुजरने के बाद अब कोई भी इस हवेली की देकरेख को नहीं...