उपन्यास गरुआ की पुरानी हवेली (अध्याय ५) Mukesh Prasad April 13, 2026 सुबह हो चुकी है, धुप भी निकल चूका है। दीपक उठ कर देखता है, करिश्मा बेड पर नहीं है। एक छोटा सा लेटर पड़ा है, …
उपन्यास गरुआ की पुरानी हवेली (अध्याय ४) Mukesh Prasad April 13, 2026 करिश्मा और दीपक सोफे पर बैठकर बातें कर रहे है। कल दोनों लव पॉइंट जाने की प्लानिंग कर रहे है। करिश्मा सैम को भी कल…
उपन्यास गरुआ की पुरानी हवेली (अध्याय ३) Mukesh Prasad April 13, 2026 सड़क के दोनों किनारों पर बड़े बड़े पेड़ है जो सड़क के ऊपर छतरी की तरह फैले हुए हैं। सुबह की धुप खिली हुई है…
उपन्यास गरुआ की पुरानी हवेली (अध्याय २) Mukesh Prasad April 13, 2026 सुन्दरम ट्रेवल एजेंसी में करिश्मा दीपक का इंतज़ार कर रही है. फ़ोन पर अभी अभी बात हुई है, वो अभी रास्ते में है. टेबल के…
उपन्यास गरुआ की पुरानी हवेली (अध्याय १) Mukesh Prasad April 13, 2026 गरुआ स्टेशन से १० किलोमीटर अंदर जंगल की तरफ एक पुरानी हवेली है। कई नौकर चाकर अब भी वहां है। गरूर सिंह के गुजरने के…