कहानी टोपी ले लो, हरी-नीली-पीली टोपी ले लो Mukesh Prasad April 13, 2026 सुबह होते ही फेरीवाला टोपियों की थैली लेकर निकल चूका है. गांव के हर गली चौराहे पर जाकर वो रुकता है और जोर से सिटी…
कहानी साहसी मेमना – केसरी Mukesh Prasad April 13, 2026 बहुत पुरानी बात है. सुंदरगढ के जंगलों के बीच एक गाँव था. गाँव में “हरिया” किसान रहता था. हरिया खेती बाड़ी के अलावा बकरियां भी…
कहानी बुढ़िया मामा और उनका बकरा Mukesh Prasad April 13, 2026 सकरी नदी से सटा एक गांव है, नन्द नगर। इस गांव के किनारे पर एक बुढ़िया मामा रहती है। इनकी कोई औलाद नहीं है। हाँ एक…
कहानी धर बुढ़िया खिचड़ी, सहलाओ मेरी पुछरी Mukesh Prasad April 13, 2026 मंगलगढ़ के घने जंगलों के बीचोबीच एक गांव है दौलतपुर | उसी गांव में एक बुढ़िया दादी रहती है | एक बेटा है उनका श्याम…
कहानी मुम्बई पोस्टिंग Mukesh Prasad April 13, 2026 बैंक में स्थानांतरण बहुत ही आम है ।तीन साल में एक बार तो होना ही है।और अगर आपने अपने टारगेट पूरा नहीं किये तो इस…
कहानी मेढक का निर्णय Mukesh Prasad April 13, 2026 एक हरे भरे बगीचे में एक मेढक रहता था। वह कभी इधर कभी उधर उछलता रहता था। बगीचे का माली एक दिन बगीचे के मध्य…
कहानी कोर्ट का फैसला Mukesh Prasad April 13, 2026 सुकरी रात में साये की तरह आगे बढ़ रही है। उसकी चाल तेज हो चुकी है। सड़क पर कोई ऑटो या टैक्सी नहीं थी और…
कहानी सफाई Mukesh Prasad April 13, 2026 सुबह की सूरज की किरण चारो ओर फ़ैल रही थी। कल्याण में नए बने आउटर सर्किल पर नदी किनारे लोग जॉगिंग करते नजर आ रहे…
कहानी हंसने वाला शेर Mukesh Prasad April 13, 2026 रामदीन पहाड़ो में बकरियां चराने जाता है। इन पहाड़ो में हरी घास और पेड़ पौधे आसानी से मिल जाते है। इनकी हरी और ताजी पत्तियां…
कहानी सच का सामना Mukesh Prasad April 13, 2026 गरुआ के घने जंगल के किनारे बसंतपुरा गांव था। गाँव पर हमेशा लुटेरों का भय बना रहता था। एक अँधेरी रात जब सब गहरी नींद…