आज सवेरे सर में दर्द बढ़ने के साथ हीं,
हाथो की लकीरों की ओर ध्यान गया,
रोजगार मिला नहीं, घर परिवार बराबर चल रहा नहीं,
जेब में पैसे भी नहीं, रिश्ते भी निभाए जा रहे नहीं,
शायद हाथो की लकीरों में ही कोई दोष है,
लकीरे बदलेंगी तो हालत भी बदल जाने है I
तोते बैठे है ग्रंथो के ऊपर, लोगो को किस्मत बता रहे थे,
हमारी आस भी अब इस ज्योतिषी से बंध रही थी,
हाथों की लकीरें देखी, ताश में से कुछ पत्ते उठवाये,
कुछ तारीखों की गणना की, कुछ दिन, समय, रंग के नियम समझाए,
अब जा वही कर जो समय तुझे राह दिखाए,बदल जाएगी तेरी किस्मत, ज्योतिषी ने समझाए I
शायद हाथों की लकीरों में ही कोई दोष है, लकीरें बदलेंगी तो हालत भी बदल जाने है I
ताबीज वाले की दूकान ताबीजों से सजी थी,
हमारी आस भी अब इन ताबीजों से बंधी थी,काले धागे के साथ,
छोटी सी राख से भरी गठरी, बांध दिया दाहिने बाज़ू पर, खुले न कभी कहकर,
अब जा वही कर जो ताबीज तुझे राह दिखाए,बदल जाएगी तेरी किस्मत, बाबा ने समझाए I
शायद हाथों की लकीरों में ही कोई दोष है,लकीरें बदलेंगी तो हालात भी बदल जाने है I
घर में अँधेरा था, मध्य में एक आग जली हुई थी,
हमारी आस भी अब जादू टोने से बंधी हुई थी, अग्नि के सामने बिठाया,
कुछ मंत्रोचार कराया, कुछ मन्त्रों को कई बार घुट्टी की तरह पिलाया,
अब जा वही कर जो मंत्र तुझे राह दिखाए, बदल जाएगी तेरी किस्मत, जादू टोने वाले ने समझाए I
शायद हाथों की लकीरों में ही कोई दोष है,लकीरें बदलेंगी तो हालत भी बदल जाने है I
श्मशान में शांति है, मध्य में एक लाश जल रही थी,
हमारी आस भी अब तांत्रिक से बंध रही थी, उस जलती चिता के सामने बिठा,
कुछ हवन कराया, कुछ अलग तरह के वस्त्र पहन, कई आत्माओं को बुलाया,
अब जा वही कर जो आत्माएं तुझे राह दिखाए, बदल जाएगी तेरी किस्मत, तांत्रिक ने समझाए I
शायद हाथो की लकीरों में ही कोई दोष है, लकीरें बदलेंगी तो हालत भी बदल जाने है I
घर में बैठा हूँ, हाथों की लकीरें निहार रहा था,
हमारी आस बंधी है खुद से, ये विचार रहा था,
पुरानी किताबें आलमारी से निकाले, उनकी कुछ लाइनें दोहराया,
मेहनत और लगन की है कीमत, सबने है यही बताया,
अब जा वही कर जो “स्वयं” तुझे राह दिखाए,
बदल जाएगी तेरी किस्मत, तूने गर मेहनत कर बतलाये I
