देखो, फाल्गुन का महीना आ गया। प्रकृति अपनी खूबसूरत छटा हर ओर बिखेर रही है। खेतो में सरसो की बालियां खिल उठी है। बाग बगीचों में फूल खुशबु फैला रहे है। पेड़ पौधे, पशु पक्षी, मनुष्य सब उल्लास से परिपूर्ण है। गेहूं की बालियां भी इठलाने लगी है। बच्चे बूढ़े सब संकोच छोड़ कर ढोलक-मंजीरों की धुन के साथ संगीत और रंगो में डूब रहे है। चारो तरफ रंगो की फुहार फुट पड़ी है।
सारा रा रा रा………..जोगीरा सारा रा रा रा……… होली है……… होली है।
होली रंगो का त्यौहार है। यह त्यौहार पारम्परिक रूप से दो दिनों तक मनाया जाता है। पहले दिन होलिका जलाई जाती है एवं दूसरे दिन धुलेंडी करने के बाद रंग-गुलाल लगाया जाता है। होली के दिन लोग एक दूसरे के गले मिलते है। इस दिन घर आने वालों का गुझिया, नमकीन, एवं ठंढई से स्वागत किया जाता है।
होली हिन्दुओं का प्रमुख पर्व है। इसके मनाये जाने के पीछे एक प्रसिद्ध कहानी है। ये कहानी प्रह्लाद से जुडी है। प्राचीन कल में हिरण्यकश्यपु नाम का अत्यंत बलशाली असुर था। वह बहुत अहंकारी था। वह खुद को भगवान मानता था। उसने अपनी प्रजा को भगवान की पूजा करने पर रोक लगा दिया था। हिरण्यकश्यपु का पुत्र भगवान विष्णु का परम भक्त था। उसने हिरणकश्यपु का आदेश मानने से इंकार कर दिया और भगवान की भक्ति करता रहा।
हिरण्यकश्यपु ने प्रह्लाद को कई कठोर दंड दिया लेकिन हर बार प्रलाद सकुशल बच जाता था। हिरणकश्यपु की बहन होलिका को वरदान प्राप्त था की वो आग में नहीं जल सकती है। हिरण्यकश्यपु ने होलिका को प्रह्लाद को लेकर आग में बैठने का आदेश दिया। लेकिन होलिका ही आग में जल गई और प्रह्लाद बच गया। प्रह्लाद को अच्छाई का प्रतीक माना जाता है जबकि होलिका को बुराई का। इसीलिए होली के पहले दिन होलिका जलाई जाती है और अगले दिन प्रह्लाद के बचने की ख़ुशी में रंग और गुलाल के साथ होली मनाई जाती है।
भारत में होली अलग-अलग प्रदेशो में भिन्न-भिन्न तरीके से मनाया जाता है। ब्रज की होली आज भी देश में आकर्षण का केंद्र है। बरसाने की लठ मार होली भी काफी प्रसिद्ध है। मथुरा और वृन्दावन में तो होली १५ दिनों तक मनाई जाती है। हरियाणा की धुलेंडी में भाभी द्वारा देवर को सताए जाने की प्रथा है। छत्तीसगढ़ में होरी के गीतों की अद्भुत परंपरा है। बिहार का फगुआ जम कर मौज मस्ती करने का पर्व है। महाराष्ट्र एवं गुजरात में भी होली एक महत्वपूर्ण पर्व है।
आइये अब होली के गीतों का आनंद लेते है एवं इस फगुआ को रंगों से सराबोर कर देते है।
सारा रा रा रा………..जोगीरा सारा रा रा रा……… होली है……… होली है।
**साभार : इस आर्टिकल के सामग्री विकिपीडिया, यूट्यूब एवं अन्य ऑनलाइन स्रोतों से लिया गया है। हम इसके लिए उनका आभार व्यक्त करते है।
