सुख – दुःख
जीवन सुख दुःख का मेला है,
दुःख में तु बिलकुल अकेला है,
खुशियों में लोगो का रेलम-रेला है,
लेकिन इसमें कुछ नहीं झमेला है।
दोस्त, तू खुशियों को यूँ ही बाटता चल,
यही यादें दुखों में तेरा सहारा बनेगी,
ताकत देगी, तुम्हे तुम्हारा मकसद बताएगी,
भरोसा रखना, खुशियां फिर अपने द्वार आएगी।