भगवान सब देखता है
तुरा बस्ती के बाहर पहाड़ी के ऊपर रहता है. तुरा की पत्नी बीमारी से कई साल पहले गुजर चुकी है. अब तुरा है और उसका पांच साल का लड़का है. बस्ती की आबादी ज्यादा नहीं है लेकिन पहाड़ी के पास बसें होने के कारण वहां काफी हरियाली है. सड़के भी साफ सुथरी एवं अच्छी है.
बस्ती मे तुरा है जो बस्ती से बिलकुल अलग रहता है. बस्ती अमीर लोगो की है, जहाँ तुरा नहीं जा सकता. तुरा का पहाड़ी के ऊपर ही एक छोटी सी झोपड़ी है. तुरा का बेटा श्याम नटखट है. दिन भर कुलाचे मरता रहता है. वह अक्सर बस्ती मे घुस जाता है.
रात को जब खुले आसमान मे तुरा और श्याम लेटे रहते है तो श्याम उससे अक्सर बस्ती के बारे मे सवाल करता रहता है. जैसे- हमारे घर बड़ा क्यों नहीं है? हमारे झोपड़ी मे पंखा क्यूँ नहीं है. तुरा बस एक ही जबाब देता, बेटा हमलोग गरीब है, हमलोग अमीरों की बराबरी नहीं कर सकते.
बारिश का मौसम आ चूका था. एक रात लगातार बारिश हुई. पहाड़ से गिरने वाले पानी से तुरा की झोपड़ी पानी पानी हो गई. तुरा बस्ती की तरफ चल पड़ा. शायद किसी के घर मे पनाह मिल जाये. उसने कई घरों के दरवाजे पीटे, कइयों से मिन्नतें की, लेकिन किसी ने उसे अपने घर मे पनाह नहीं दिया. बस्ती मे सब पत्थर दिल हो चुके थे.
तुरा और उसका बेटा श्याम वापस पहाड़ी पर लौट आएं. वो पूरी तरह भीग चुके थे. ठण्ड से दोनों कांप रहे थे.
लगातार हो रही बारिश से गाँव मे पानी भरने लगता है. आधी रात तक पूरा गांव जलमग्न हो चूका है. पानी के तेज बहाव ने सब कुछ बहा लिया है. बस्ती वाले किसी तरह प्राण बचा कर पहाड़ी की तरफ भागे. काफ़ी लोग वहां जमा हो चुके थे. तुरा का बेटा काफ़ी खुश है. आज उसके झोपड़ी के आस पास काफ़ी लोग डेरा डाले हुए थे.
श्याम तुरा से पूछता है, आज हमारा घर कितना बड़ा हो चूका है? तुरा तो एक पल को क्रोध करता है. लेकिन दूसरे ही पल वह बदल जाता है. वह श्याम से बोलता है, भगवान सब देखता है. उसके लिए हम सभी संतान सामान है. वह कभी भी किसी से भेदभाव नहीं करता. हाँ हम मे से कुछ इंसान अपने को बड़ा समझने लगते है. उनके लिए छोटे लोगों की कोई अहमियत नहीं होती. लेकिन भगवान सब देखता है. वह उन घमंडियों को सबक जरूर सिखाता है.
तुरा अपनी झोपड़ी से बाहर आता है और पहाड़ी पर आएं आगतुको का दिल खोल कर स्वागत करता है.
** ये कहानी काल्पनिक है. उपरोक्त फोटो गूगल से लिया गया है, जो सिर्फ कहानी को दर्शाने के लिए है. इसके लिए हम उनका धन्यवाद करते है.