तुम लौट आना।
जिंदगी यहीं है, तुम क्या ढूंढने निकले हो,
सब यहीं है, सब सही है, तुम लौट आना।
तुम क्या ढूंढने निकले हो, क्या मिला,
खूद को ढूंढना है, सच को जानना है?
हमने तुमने सबने सुना है,
चिराग तले ही अंधेरा होता है,
सब यहीं है, सब सही है, तुम लौट आना।एक बच्चा जब इस दुनिया मे आता है,
पुरी दूनिया किलकारियां सुनने आती है,
तुमने ना माना है, ना ही जाना है,
सब यहीं है, सब सही है, तुम लौट आना।
पतझड आता है, पेड़ो की सारी पत्तियां झड़ जाती है,
बेजान सा कंकाल ही बस खड़ा रह जाता है,
तुमने ना माना है, ना ही जाना है,
सब यहीं है, सब सही है, तुम लौट आना।हम सब वक्त के हिलोरे मे थक जाते है,
कुछ करना है, सोच सोच कर हार जाते है,
तुमने ना माना है, ना ही जाना है,
सब यहीं है, सब सही है, तुम लौट आना।
जिंदगी यहीं है, तुम क्या ढूंढने निकले हो,
एक नन्ही सी जान इस दुनिया मे नई इबादत लिखेगा,
पतझड के बाद हर तरफ हरियाली ही दिखेगा,
और हार के बाद, खुशियों की नई बहार आएगी,
सब यहीं है, सब सही है, तुम लौट आना।उम्मीद और कर्म ही शाश्वत है,
दूनिया इसी पर चलती है,
आज ये मान लो, तुम सत्य जान लो,
जिंदगी यहीं है, तुम क्या ढूंढने निकले हो,सब यहीं है, सब सही है, तुम लौट आना।