गंगा नहा आते है।
हमने सोचा कुछ पुण्य कमा आते है,
चलो गंगा नहा आते है,
सारे मैल यहाँ धुल जाएगा,
गुनाह सारे यहाँ मिट जाएगा,
भारी सा मन हल्का हो जाएगा।
हमने सोचा कुछ पुण्य कमा आते है,
चलो गंगा नहा आते है।
अब साल बीतने को आया है,
एक बार फिर गंगा नहाने का दिन आया है,
आज दिल ने दिमाग को जगाया है,
पिछ्ले साल का पुण्य कहाँ मिला तुझे,
कि फिर तु यहाँ चला आया है,
आज तो तु पह्ले से ज्यादा मैला है,
तेरे गुनाहो का हिसाब भी बड़ा हो चला है।
हमने सोचा कुछ पुण्य कमा आते है,
चलो गंगा नहा आते है।
आज गंगा मे डुबकी लगाते ही समझ आया है,
तन तो धुल गया, मन कहाँ धुल पाया है,
पुरानी पीढ़ियों से जो चला आया है,
हमने बस वही निभाया है,
चल आज मन को धुलते है,
अपने कर्मो को सबल देते है,
बाकी सब कुछ बदल जाएगा।
हमने सोचा कुछ पुण्य कमा आते है,
चलो गंगा नहा आते है।
शायद हमे गंगा का मतलब अब समझ आया है,
आज हमने खुद को यहाँ पाया है,
गंगा सा बहते रहना ही जिंदगी है,
धर्म पथ पर बने रहना ही जिंदगी है,
सत्य के साथ खड़े रहना ही जिंदगी है,
सच कहता हूँ आज हमने गंगा नहाया है।
हमने सोचा कुछ पुण्य कमा आते है,
चलो गंगा नहा आते है।